कैसे मान लूँ बोलो तो, कोई पासबाँ नहीं मेरा... आवाज़ 'अदा' की...अजनबी तुम जाने पहचाने से लगते हो

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ये ज़मीं नहीं मेरी, वो आसमाँ नहीं मेरा ठहरी हूँ जहाँ मैं आज, वो जहाँ नहीं मेरा

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Swapna Manjusha 'ada'

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