मेरे अपनों ने कब का किनारा किया, मुझसे ज़्यादा कशिश बेगानों में थी....
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swapnamanjusha.blogspot.com - मैं कल रात उन दीवानों में थी मेरी नज़रें गुजरे ज़मानों में थी ये दिल घबराया ऊँचे मकाँ में बड़ा फिर ...Sign in to promote this post read post
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