हर्फों की तल्ख़ तासीर से, इंसा बदल जाएगा ..... 'अदा' की आवाज़ में 'आपके हसीन रुख़ पर आज नया नूर है...

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सोचा न था के तू, अब इतना बदल जाएगा अबके जो गया है तो फिर, लौटकर न आएगा परवाज़ आ गए हैं, पर इनका क्या भर

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Swapna Manjusha 'ada'

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