
Sanjay Bhaskar
blogs from Haryana


आज की चर्चा मे आदरणीय दिगंबर नासवा जी के कविता-संग्रह "कोशिश माँ को समेटने की" दिगंबर जी चाहते थे जब भी उनकी पहली किताब का प्रकाशन हो माँ को समर्पित हो क्योंकि लिखने की प्रेरणा उन्ही से मिली....इसमे नासवा जी लिखते है इसे किताब कहूँ, डायरी या कुछ और जो भी नाम दूँ इसे पर ये गुफ्तगू है मेरी मेरे अपने स...
Posted on 27 June 2023 | 11:43 am
Read postबॉलीवुड ऐसी दुनिया है जहाँ जब इंसान का सिक्का चलता है तो तमाम बुलंदियां उसके आगे छोटी दिखाई देती है आज हम आपको ऐसी ही एक अभिनेत्री के बारे में जो कभी अपनी मधुर मुस्कान और नटखट अदाओं के लिए इतनी मशहूर थी की फिल्म में उनका होना यानि फिल्म के हिट होने की गारंटी सत्तर के दशक में अभिनेत्री मुमताज अपनी ख़ू...
Posted on 20 April 2023 | 10:46 am
Read post( चित्र गूगल से साभार )रोजगार की तलाश में घर से बहुत दूर बसे लोग ऊब जाते है जब खाकर होटलो का बना खाना तब अक्सर ढूंढते है माँ के हाथों की बनी रोटियाँ पर नहीं मिलती लाख चाहने पर भी वो रोटियाँ क्योंकि कुछ समय बाद याद आता है घर तो छोड़ आये इन्ही रोटियों के लिए..... !!- संजय भास्कर...
Posted on 25 March 2023 | 4:53 pm
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