है बस यही लम्हे मेरे पास इस कुदरत की सोगात केहै बस यही लम्हे मेरे पास इस कुदरत की सोगात केहै

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बहती मस्त बयार , ठंडी जैसे कोई फुहार लहराते डगमगाते पहाडी से रास्ते नयना ना जाने किसकी है राह तकते

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