Hari Joshi would like you to review his/her blog.
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इर्द-गिर्द पर आपका स्‍वागत है

Hari Joshi
Hari Joshi
from Meerut
15 years ago

इर्द-गिर्द पर देश और समाज के विभिन्‍न पहलुओं पर नियमित चर्चा। कृपया हमारे ब्‍लाग पर आइए और हमें सुझाइए कि इसे और बेहतर बनाने के लिए हम क्‍या करें। आपके सुझाव/प्रतिक्रिया हमें उर्जा देगी। 

Replies 1 to 2 of 2

भई वाह, इतना अच्छा ब्लोग और मुझे अब तक पता भी नहीं था?

जोशी जी, आपको लाख-लाख बधाई इतनी बढ़िया सामग्री परोसने के लिए।

सिलबट्टा काटने वाले के रेखाचित्र पढ़कर मेरी आंखें छलछला गईं। बहुत साधुवाद!

आपका ब्लोग हर दृष्टि से उम्दा है। तकनीक और टेंप्लेट आपने बढ़िया चुना है। पढ़ने-देखने में मजा आ गया।

मैं आपका अनुगामी (फोलोअर) बनना चाहता था, पर उसका लिंक कहीं नहीं दिखा। यदि आप फोलोअर वाला लिंक सक्रिया कर दें, तो मेरे जैसे अनेक पाठकों को आपकी नई सामग्रीस से अवगत रहने में सुविधा होगी।

यदि समय मिले मेरे ब्लोग जयहिंदी, केरलपुराण, प्रिटेफ-स्कैनेफ में भी पधारें।

 

 

Hari Joshi
from Meerut
15 years ago

माननीय बालसुब्रमण्‍यम जी,

ब्‍लाग पर पधारने, पढ़ने और समीक्षा करने के लिए आभार। ब्‍लागर डाट कॉम में लोगिन करके किसी भी ब्‍लाग का फोलोअर बना जा सकता है। फोलो करने के लिए सिर्फ यूआरएल भरना पड़ता है। वैसे मैं  गूगल सहायता से लिंक लगाने की कोशिश करूंगा।

आपके ब्‍लाग पर मैं आज ही विजिट कर आनंद लूंगा। केरल की तस्‍वीरें और आलेख मुझे बहुत भाते हैं। आमंत्रण देते हैं। लेकिन दुर्भाग्‍य से मैं केरल भ्रमण नहीं कर सका हूं। इसकी आंशिक कमी आपके ब्‍लाग से पूरी हो जाएगी।

हरि जी, मैंने आपके बताए अनुसार इर्द-गिर्द को अपनी ब्लोग सूची में जोड़ लिया है। अब आपके ब्लोग के नए पोस्टों से कदम से कदम मिलाकर चल सकूंगा।

केरल के बारे में आपकी रुचि सुनकर अच्छा लगा। मेरे ब्लोग केरल पुराण में मैं मलयालम की एक प्राचीन पुस्तक, ऐदीह्यमाला, का हिंदी अनुवाद दे रहा हूं। इसके लेखक हैं कोट्टारत्तिल शंकुण्णी। इसकी कहानियां आपको जरूर पसंद आएंगी। इनमें ब्रिटिश-पूर्व के समय के केरल समाज का खाका उभरता है।

आधुनिक केरल के मंदिरों, समुदायों और पर्यटन स्थलों पर एक अच्छा ब्लोग श्री पी एन सुब्रमण्यम चला रहे हैं। उसमें केरल के खूब सारे चित्र भी हैं। इस ब्लोग का नाम मल्हार है। यदि इसे पहले से ही फोलो नहीं कर रहे हों, तो जरूर देख आएं। इसका पता यहा है:-

मल्हार

मेरा मुक्य ब्लोग जयहिंदी है, यदि समय मिले उसे जरूर देखें-परखें।

Hari Joshi
from Meerut
15 years ago

बालसुब्रमण्‍यम जी,

केरल पुराण पर जब मैं पंहुचा तो मेरी कल्‍पनाओं से हटके निकला आपका ब्‍लाग। साहित्‍य पर (खासतौर से अनुदित साहित्‍य) पर हिंदी में ऐसे ब्‍लाग मैने कम ही देखे हैं।

पी एन सुब्रमण्‍यम का ब्‍लाग मैं लगातार पढ़ता हूं। मेरा पसंदीदा ब्‍लाग है।

Hari Joshi
from Meerut
15 years ago

बालसुब्रमण्‍यम जी,

आपने इर्द-गिर्द पर विज्ञापनों के संदर्भ में जिज्ञासा प्रकट की थी। ये विज्ञापन हिंद युग्‍म के सौजन्‍य से हैं। शैलेश भारतवासी के अकाउंट से मेरे ब्‍लाग पर एक्‍टीवेट हैं। कोमिली एड सर्विस से प्राप्‍त हैं। इनके भुगतान संबंधी शर्तें मैने कभी शैलेश से पूछी नहीं लेकिन इतना पता है कि बहुत कम भुगतान वाले विज्ञापन हैं ये। अधिक जानकारी के लिए आप शैलेश से hindyugm@gmail.com पर संपर्क कर सकते हैं। नि:संकोच।

Adesh Sidhu
Adesh Sidhu
from Gurgaon
15 years ago

Amazing way to capture emotions. Very simple Hindi and I enjoyed every post of it. Loved your style of writing.

Just one suggestion, please have 5-6 posts on the first page.

Keep sharing such simple yet powerful stories.

Hari Joshi
from Meerut
15 years ago

माननीय आदेश जी,

इर्द-गिर्द पर पधारने और समीक्षा करने के लिए आपका आभारी हूं। अगर आप एक से अधिक चुनींदा पोस्‍ट को पहले पेज पर डालने का तरीका बता सकें तो आभारी होउंगा।

हरिजी, पहले पन्ने पर एक से ज्यादा पोस्ट लाने का तरीका यह है।

1. अपने डैशबोर्ड में जाइए।

2. फिर सेटिंग चुनिए।

3. फिर फोर्मैटिंग चुनिए।

4. फोर्मैंटिग में शो ---- पोस्ट्स ओन द मेइन पेज वाले बक्से में 1 के स्थान पर 5 (या जो भी संख्या आप चाहते हों) डाल दीजिए।

5. पृष्ठ के नीचे जाकर सेव सेटिंग्स पर क्लिक कीजिए। (यह बहुत जरूरी है, अन्यथा आपका परिवर्तन सहेजा नहीं जाएगा)।

बस हो गया। अब आपके मुख्य पृष्ठ पर 5 (अथवा आपने जो भी संख्या दी हो, उतने) पोस्ट नजर आने लगेंगे।