
Dr.Ramji Giri
blogs from Bareilly




सच हमेशा सापेक्ष होता है.यह पृथ्वी चपटी है,यह बात सदियों तक सच ही थी, जब तक नयी खोज नये नज़रिये ने इसको गोलाकार सिद्ध करते हुए एक नये सच से इसको विस्थापित नही किया....वैसे ही ब्रह्माण्ड की केन्द्र -बिन्दु भी तो हमारी पृथ्वी ही रही युगों तक, बाद में सूर्यदेव इसको इस सत्ता से विस्थापित कर नये केन्द्रित...
Posted on 1 March 2010 | 1:56 pm
Read postबात चाहे दलित की हो,नारी-दमन की हो या रंगभेद की,मंसा मूलतः एक व्यक्ति या व्यक्ति-समूह को दूसरे की तुलना में बेहतर/उच्चतर साबित /स्थापित करने की है...सभी कुरीतियों और कुप्रथाओं के जड़ में कारण तो आर्थिक-सामाजिक शोषण ही है.....उसपर धार्मिक मुलम्मा चढ़ाकर उसके प्रति प्रतिरोध को कुंद किया जान ही उद्देश्...
Posted on 21 January 2010 | 9:06 pm
Read postमैं ओशो के विचारों से मूलतः सहमत नहीं रहा...ओशो /रजनीश के व्याख्यान इसलिए मैंने पढे कि एक दर्शन शास्त्र के व्याख्याता से "rational & unbiased" विवेचना की उम्मीद थी ...पर मैं निराश ही हुआ..बुद्ध और जैन विचारधारा का कहीं तो समर्थन करते हैं, तो कहीं उनकी आलोचना ,वो भी एक ही मुद्दे पर... कही पर मूर्तिपू...
Posted on 28 September 2008 | 6:08 pm
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