
Shivangi Shukla
blogs from Indore


$Shivi$...
Posted on 24 February 2017 | 1:25 pm
Read postना रे, कहा रोइ मैं? वो तो उबासी ली, तो आँसू आ गये। देख मुस्कुरा रही हु,देख घूमने जा रही हु।देख सबसे हंस के,फरमा रही हूँ।। अरे उन आँखों का, क्या दोश? वो जज़्बाती हैं ज़रा। भर आती हैं, किसी का जाना देखकर। पथरा जाती हैं, फिर ज़माना देखकर।। चलो मान लेते हैं, हाँ रो दिये थे हम। एक क्षण के लिये, खुद को खो दि...
Posted on 2 May 2016 | 10:26 am
Read postजब वो लाल सुर्ख जोड़े में सजी, मैं रंगीन लिफाफे में आया ख़त पढ़ रहा था। जब उसने बालो में मोगरे की वेणी डाली, तब मैं किताबों में सहेजे गुलाब चुने जा रहा था। जब उसने नज़ाकत से बिंदी लगाई,तब मैं हाथ पर गुदा टैटू देखे जा रहा था।जब वो पायल पहन रही थी,मैं उसको मना लेने वाला गाना गुनगुना रहा था।जब उसने आँखों म...
Posted on 30 March 2016 | 4:18 pm
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