
Dinesh Sharma
blogs from Kaithal


रामकृष्ण परमहंस जी गले के कैंसर से पीड़ित थे। एक दिन डाक्टर ने कहा कि अब अन्तिम समय आ गया लगता है। यह जानकर उनकी पत्नी रोने लगी। इस पर रामकृष्ण जी ने कहा, शारदा! रो मत। क्योंकि जो मरेगा वह तो मरा ही हुआ था, और जो जिंदा था वह कभी नहीं मरेगा। और हाँ, चूड़ियां मत तोड़ना। फिर तूने मुझे चाहा था या इस देह को...
Posted on 2 July 2017 | 7:52 pm
Read postभगवान राम ने एक ही तीर से रावण को डाला था । परन्तु उसके शरीर में असंख्य छिद्र हो गए । लक्ष्मण ने राम जी से पूछा, भगवन् आपने एक तीर से रावण को मार डाला फिर असंख्य छिद्र कैसे हो गए ? इस पर श्री राम बोले, यह रावण के दुर्गुर्णों का परिणाम है अन्यथा न शस्त्र किसी को मारते हैं , न शत्रु किसी को मार सकता ह...
Posted on 25 March 2016 | 1:03 pm
Read postएक नगर में एक मशहूर चित्रकार रहता था । चित्रकार ने एक बहुत सुन्दर तस्वीर बनाई और उसे नगर के चौराहे मे लगा दिया और नीचे लिख दिया कि जिस किसी को , जहाँ भी इस में कमी नजर आये वह वहाँ निशान लगा दे । जब उसने शाम को तस्वीर देखी उसकी पूरी तस्वीर पर निशानों से ख़राब हो चुकी थी । यह देख वह बहुत दुखी हुआ । उस...
Posted on 27 November 2014 | 12:45 pm
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