
sunil balani
blogs from jodhpur




कुँअर बेचैन जी आज हमारे बीच नहीं रहे। अपनी कविता के माध्यम से इतने सरल शब्दों में इतनी गहरी बात कह देने के फन में उनका कोई सानी नहीं.छोटे बहर में ग़ज़ल कहने का उनका हुनर लाजवाब था . वैसे तो उनकी कई कविताएं दिल के बहुत करीब हैं मगर सबसे पहली पक्तियां जो उनके निधन की खबर के साथ ही जेहन में आयीं, जो एक प...
Posted on 30 April 2021 | 12:08 am
Read postभाषा, व्यक्ति की अभिव्यक्ति का माध्यम है, जिसके तार, सीधे उसकी हृदय की संवेदना से जुड़े हैं। इस से पहले कि हम मूल प्रश्न का उत्तर निर्धारित करने की चेष्टा करें , हमें इस से जुड़े कुछ आधारभूत पक्षों की विवेचना कर लेनी चाहिए । भाषा क्या है ? भाषा की आवश्यकता क्यों है ? बोलियों से विभाषा और विभाषाओं से भ...
Posted on 21 January 2015 | 1:08 pm
Read postकिसी भी व्यक्ति या विचारधारा के प्रति पूर्ण समर्पण, स्वतंत्र सोच पर दीमक का कार्य करता है। इन संकुचित पैमानों से नापकर न तो सत्य की खोज की जा सकती है और न ही पूर्वाग्रहों से ग्रसित बुद्धि से कोई मौलिक सृजन संभव है। असहिष्णुता , तर्कविहीन बहसों और अंधी आस्था का जो मौहाल आज चारों तरफ फैला है, उसे देखक...
Posted on 15 November 2014 | 10:46 am
Read post