जब से सोशल नेट्वर्किंग साईट्स विशेषकर फेसबुक व् व्हाट्स अप ने लोगों की ज़िंदगी में पैठ बनाई ब्लॉग्गिंग तो मानो पार्श्व में चली गयी | हिन्दी ब्लॉग्गिंग जो अभी अपने पहले दशक में ही , जाने कितने संकलकों (aggregetors)को दम तोड़ते हुए देखा , लोग बाग़ आते गए लिखते गए और छोड़ते गए , कहीं पर कमाई न होने का बहाना , कहीं पाठकों की उपेक्षा की शिकायत , यानि कुल मिला कर सबने ब्लॉग्गिंग को विशेषकर हिंदी ब्लॉग्गिंग को उसके हाल पर छोड़ दिया | और फिर जो हिंदी ब्लॉग्गिंग पहले से ही बिखरी सिमटी चल रही थी वो तुरंत हलकान हो बैठी | अब बाज़ारों में स्मार्ट फोन्स के आ जाने से हिंदी का बाज़ार भी बढ़ा है | सैकड़ों एप्स से मोबाईल स्टोर भरे पड़े हैं ऐसे में यदि हिंदी ब्लॉग्गिंग को वर्गीकृत विषयवार ब्लॉग्गिंग वो भी विशुद्ध व्याव्य्सायिक रूप में तो निश्चित रूप से आने वाले दिनों में हालत इससे बहुत बेहतर होने की उम्मीद की जा सकती है |
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