
K.L.Kori
blogs from Kalyan


बिना उस्तरे के हज़ामत कर रहे हैं वो शहादत पर सियासत कर रहे हैं सच बोल कर कोई जेल जा रहा है झूठ वाले देखो वकालत कर रहे हैं जिन्हे गरीबों ने साहब बना दिया वो अमीरों की हिफाज़त कर रहे हैं सब गधे वतनपरस्त हुए जा रहे हैं एक हमीं हैं जो बगावत कर रहे हैं...
Posted on 28 February 2016 | 5:41 pm
Read postकैसी चले रहे हो तुम चाल साहब कर रहे हो इंसां को हलाल साहब चूस कर के खून इन गरीबों का हो रहे हो और मालामाल साहब ये सियासत कलम से अच्छी नहीं शायरी कर ना दे कोई बवाल साहब तुम फरेबी हो दगाबाज हो झूठे हो दिल में रखने का है मलाल साहब "राज" शायर है, फ़कीर है, पागल है झूठ कहके ना करेगा कमाल साहब...
Posted on 23 November 2015 | 1:52 pm
Read postफिर से मौसम को कुछ और अच्छा बनाया जाय आओ मोहब्बत का नया सिलसिला बनाया जाय जिससे मिलने को हर घड़ी ही बेताब रहे ये दिल किसी आवारा बादल से चलो रिश्ता बनाया जाय ना तुझको हासिल है कुछ, ना मुझको हासिल है तो नफरतों को क्यों अपना हिस्सा बनाया जाय क्यों हो बेकार में ही बहर-ओ-अदब की तिजारत सब के पल्ले पड़े यूँ...
Posted on 13 November 2015 | 2:59 pm
Read post