
Ravish Tiwari
blogs from Ambikapur


ज़िंदगी की बस यही इतनी सी कहानी है, ज़िंदगी बीत जाएगी एक दिन, पीछे बस यादें छूट जानी हैं,ज़िंदगी की यही बस इतनी सी कहानी है।ज़िंदगी का अजीब ये फ़लसफ़ा है, बेहद दिलचस्प इसकी बयानी है,कभी खुशियां हैं बेशुमार, मुस्कुराहटें हैं होंठों पे और मौंजो की रवानी है,तो कभी गम हैं जानलेवा, अश्क़ हैं, और बेइन्तहा...
Posted on 4 October 2015 | 6:28 am
Read postमैं तुझसे कहूँ या ना कहूँ, तुझे तो मालूम है, के मेरा क्या हाल है, मेरे ख्वाबों पे हुकूमत है बस तेरी, तुझ से ही मेरा ये रंग-ए-जमाल है, मैं चाहे तुझसे दूर कितनी भी हूँ, मुझे हर पल बस तेरा ही खय़ाल है॥ जब सोचता हूँ तेरे बारे में, मैं यूँ ही बेवजह मुस्कुराता हूँ, जब सोचूं तेरे बारे में, कुछ और सोच नहीं प...
Posted on 1 March 2014 | 8:08 pm
Read postमैंने बहुत दिनों से कुछ लिखा नहीं है, पर आज मेरी एक खास ख़ुशी शेयर करने के लिए २ पंक्तियां लिख रहा हु। मेरी प्यारी भांजी के नाम : देखी है मैंने एक नन्ही सी परी, फूलों सी नाजुक, एक नन्ही कली सी, देखी है मैंने एक नन्ही सी परी। जिसे देखते ही मेरी आँखों में चमक सी आ गयी, एक ही पल में मुझे कितने बचपन दिखा...
Posted on 25 February 2013 | 11:57 pm
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