
Viplove Verma
blogs from Mawana


हर किसी को न भाती ,न आती हर चीज़ रास मजबूर हो जाता है दुश्मन भी सुनने के लिए तुम्हारे अल्फाज़ . यूँ तो बीत जाती है उम्र सारी मंज़िल को पाने में दुनियाँ चूमती उसी के कदम है ,जिनकी सोच होती है कुछ ख़ास ...
Posted on 12 May 2016 | 1:09 am
Read postजिसकी जैसी किस्मत ,वैसी उसकी तकदीर किसी को मिलती बेशुमार दौलत ,कोई बन जाता राह चलता फकीर . निशां पर तो उन्ही के चलती है ये दुनियाँ यारो जिनका लक्ष्य मछली की आँख और सटीकता जैसे अर्जुन का तीर ...
Posted on 12 May 2016 | 1:09 am
Read postदो वक़्त की रोटी का गुज़ारा है बड़ा मुश्किल जैसे किस्मत में ठोंकी हो किसी ने लाचारी की कील . न कोई करता वकालत , न कोई सुनता कैसी दलील ये गरीबी का आलम है जनाब ,नहीं है कोई फ़िल्मी रील ...
Posted on 12 May 2016 | 1:08 am
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