
nirmla.kapila
blogs from nangal dam [punjab ]


कागजों से भी क्या दोस्ती हो गयी शायरी ही मेरी ज़िंदगी हो गयी जब खुदा ने करम ज़िन्दगी पर्किया बंदगी से गमी भी खुशी हो गयी दिल की बंजर जमीं पर उगा इक खियाल आँखें' बहने लगीं फिर नदी हो गयी एक जुगनू ने देखा अँधेरा वहां फूस के घर में भी रोशनी हो गयी दर्द सहते हुए ढल गयी उम्र ये ज़िंदगी इस लिए अनमनी हो गयी...
Posted on 11 February 2024 | 12:31 pm
Read post#अंतरराष्ट्रीय_हिन्दी_ब्लॉग_दिवस #अंतरराष्ट्रीय_हिन्दी_ब्लॉग_दिवस की आप सब को बधाई 1दूसरी पारी पहले की पारी से भी ऊंचाई पर जाये इसी कामना के साथ सब को शुभकामनाएं1 एक गज़ल ख्वाहिशें मैं कैसे रक्खूँ ज़िन्दगी के सामने"हसरतें दम तोड़ती हैं मुफलिसी के सामनेये तिरी शान ए करम है ऐ मिरे परवरदिगार"अब भी हूँ साब...
Posted on 30 June 2017 | 11:13 pm
Read postहोली के तरही मुशायरे मे आद पंकज सुबीर जी के ब्लाग http://subeerin.blogspot.in/देखिये मुहब्बत ने ज़िन्दगी छ्ली जैसेलुट गया चमन गुल की लुट गयी हंसी जैसेअक्स हर जगह उसका ही नजर मुझे आयाहर घडी तसव्वुर मे घूमता वही जैसेकोई तो जफा से खुश और कोई वफा में दुखीसोचिये वफा को भी बद्दुआ मिली जैसेवो चमन में आए है...
Posted on 23 March 2016 | 10:07 am
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