

Yashwant's latest posts on IndiVine
गम-ए-दौरां ने भी सीखे गम-ए-जानाँ के चलन (39 votes)
हमारा तीर कुछ भी हो निशाने तक पहुचता है (27 votes)
मैं इस उम्मीद पर डूबा के तू बचा लेगा - वसीम बरेलवी (27 votes)
क्षण भर को क्यों प्यार किया था? (28 votes)
इतना टूटा हूँ की छूने से बिखर जाऊँगा अब अगर और दुआ दोगे तो मर जाऊँगा (9 votes)
सब के कहने से इरादा नहीं बदला जाता (9 votes)
हर एक आवाज़ उर्दू को फरियादी बताती है (20 votes)
मां दुआ करती हुई ख़्वाब में आ जाती है (12 votes)
Waseem Barelvi - Mujh Ko Gunahgaar Kahe Aur Saza Na De (7 votes)
वसीम बरेलवी - दरीचों तक चले आये तुम्हारे दौर के खतरे (11 votes)
अजब दुनिया है ना शायर यहाँ पर सर उठाते हैं (7 votes)
Andhere chaaron taraf saayn saayn karne lage (5 votes)
काबा किस मुंह से जाओगे ग़ालिब (7 votes)
Ahmed Faraz - Ab ke rut badalii to khushbuu kaa safar dekhegaa kaun (9 votes)
Rahat Indori - Agar khilaaf hain hone do (5 votes)