


1. वो तोड़ते रहे फूलों की टहनियाँ बार बार.. बाद फिर कहते हैं क्यों महकता नहीं है बाग़! 2. वक्त के हाथ में होते हैं कई जवाब भी.. हम फ़क़त आज में परेशानियों का सबब ढूँढते हैं.... 3. वो तुम ही थे अमावस की उस रात.. जब आसमां को चाँद की कमी नहीं खली.. 4. बस एक मौत के सहारे ही टिकी है ज़िन्दगी 'तपन' 5. ख़्...
Posted on 26 June 2018 | 3:51 pm
Read postक्षणिकाएँसमयकितना कहारूका ही नहींआज शायदकिसी दुश्मन ने आवाज़ दी होगी!!दर्दइसकी भी आदतपड़ ही जायेगीये दर्द अभी नया जो है...चेहरेकितना घूमा..पर मुखौटे ही देखने को मिलेचेहरे कहीं खो गये हैं क्या?आज आइना भीमुझसे यही कह रहा है!!मिलावटमिलावट का दौरजारी हैआज तो मैं भी इससे अछूता नहीं रहा...माँमाँ रात को सो...
Posted on 13 March 2016 | 2:11 am
Read post#Satire Freedom 251 Freedom मतलब आज़ादी - JNU मांगे आज़ादी - कश्मीर की आज़ादी कैसे ? भारत की बरबादी से! और जाट? जाट भी तो भारत को बरबाद ही कर रहें हैं? हरियाणा जला कर.. तो? JNU के देशद्रोहियों को कैप्टेन पवन जैसे जाटों के सामने खडा कर दो.. मामला सुलझ जायेगा.. और फोर्चुनेर में घूमने वाले जाट? - बेचारे ग़...
Posted on 23 February 2016 | 10:14 am
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