
Jitendra Parmar
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Posted 11 years ago under Business > Real Estate

Posted 11 years ago under Business > Real Estate
शक्ति, सांस, ऊर्जा, प्रेरणा, भक्ति, आशा, उम्मीद, उमंग, ममता, जीत, प्रीत और ज़िन्दगी... ये सारे वो शब्द हैं जिनके बिना मानव अधूरा है... और इन सभी शब्दों का मूल हो 'तुम' "हे स्त्री तुम्हें प्रणाम ।" #Happy_Womans_Day...
Posted on 8 March 2018 | 1:23 pm
Read postदिन को रोका गया,छीन ली गईरौशनी की हर किरणशाम आई, रात को लाईरात गहराई.... और देखो, फिर सुबह आ गई... सुबह आती ही हैदेर से..अंधेर से।...
Posted on 3 December 2017 | 11:08 am
Read postसुनोतुम मुस्कुराती हो तो लगता हैकि, उम्मीद की दुनियां अब भी ज़िन्दा है..और अब भी सबकुछ उतना बुरा नहीं हुआ,जितना की ख़बरों में दिखता है... अब भी सूरज को निहारा जा सकता हैअब भी पहाड़ों को पुकारा जा सकता हैअब भी नदियों में नहाते हुए फोटो खिंचाई जा सकती हैवो फोटो जो सिर्फ़ फेसबुक के लिये ना हो,बल्कि एक याद...
Posted on 17 September 2017 | 1:54 pm
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