हमने ज़िन्दगी नहीं जहन्नुम जी है...

हमने ज़िन्दगी नहीं जहन्नुम जी है ,जो हम पे टुटा है, उसमें पहाड़ हीं नहीं, आसमान भी है ,रास्तों में पत्थर, मंज़िलें धुंधली,इतना हीं नहीं हमारी यात्रा में घोर अपमान भी है Iहम भी हसरतें रखते थे, ख्वाब बुनते थे ,पर हमारी कहानी में ख्वाब चुराने वाले बेईमान भी हैं Iऐसा नहीं है की दुनिया खाली है इंसानों से ,अगर हम आज ज़िंदा हैं तो ज़िन्दगी में कुछ मेहरबान भी हैं I###...


