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एक आलसी का चिठ्ठा: लोक : भोजपुरी - 7: बोले पिजड़ा में सुगनवा बड़ऽ लहरी (अंतिम भाग)

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  • Anurag
  • Rajkumar
एक आलसी का चिठ्ठा: लोक : भोजपुरी - 7: बोले पिजड़ा में सुगनवा बड़ऽ लहरी (अंतिम भाग)

अपने सुख के कारन सुगना राखे नौ नौ नारी, राखेय नौ नौ नारी सब नारिन से बाति करेला, अपने भऽरेला हुँकार

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