
Barun K Sakhajee
blogs from Raipur


बरुण सखाजी श्रीवास्तवपरमहंस श्रीराम बाबाजी हनुमानजी चौपाइयों से जीवन का सार अभिव्यक्त करते थे। अपने कीर्तन में अनेक चौपाइयां भाव में सिक्त होकर गाते थे। कीर्तन का ऐसा आनंद होता था कि लोग नाच उठते। एक भक्त देवव्रत श्रीवास्तव बताते हैं वर्ष 1972 में उदयपुरा में एक यज्ञ हुआ। इस यज्ञ में परमहंस श्रीराम...
Posted on 5 November 2026 | 5:20 pm
Read postबरुण सखाजी श्रीवास्तव/सौरभ तिवारीपार्ट-1- सीता स्वयंवर दृश्य-1 जनक दरबार सजा है [BG: राजसी संगीत। मंच पर जनक और सुनयना सिंहासन पर। सीता पास खड़ी हैं। सामने शिवधनुष। एक ओर गुरु शतानंद और दूसरी ओर विश्वामित्र के साथ राम-लक्ष्मण बैठे हैं। राजघोषक आगे आता है।] नैरेटर मिथिला का दरबार सजा, राजाओं का जमघट...
Posted on 1 November 2026 | 6:48 pm
Read postबरुण सखाजी श्रीवास्तव परमहंस श्रीराम बाबाजी हनुमानजी का अपना रास्ता है। उस रास्ते पर चलकर वही ईश्वरत्व को प्राप्त हो सकते हैं जो उनकी ही तरह निश्छल और निर्भय होकर चलें। वे किसी मान्यता को कभी ढहाते नहीं थे, किंतु किसी मान्यता को कभी पोषित भी नहीं करते थे। वे सहज रहते थे। अस्तित्व की बनाई संरचनाओं को...
Posted on 31 October 2026 | 10:48 pm
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