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ये दश्त ये वहशत ये शाम के साये (7 votes)
Madhushala - Harivansh Rai Bachchan (Part 6) (22 votes)
Madhushala - Harivansh Rai Bachchan (Part 5) (9 votes)
अहल-ए-दिल और भी हैं अहल-ए-वफ़ा और भी हैं (7 votes)
Madhushala - Harivansh Rai Bachchan (Part 4) (13 votes)
बाहर ना आओ घर में रहो तुम नशे में हो (11 votes)
Madhushala - Harivansh Rai Bachchan (Part 3) (13 votes)
Madhushala - Harivansh Rai Bachchan (Part 1) (5 votes)
हो गई है पीर पर्वत-सी पिघलनी चाहिए, इस हिमालय से कोई गंगा निकलनी चाहिए। (18 votes)
भूल शायद बहुत बड़ी कर दी दिल ने दुनिया से दोस्ती कर ली (18 votes)
kumar vishwas - तुम बिन कितने अज अकेले, क्या हम तुमको बतलायें? (5 votes)
रात रौशनी हो गयी दिन भी सुहाने हो गए (11 votes)
देखा है जिंदगी को कुछ इतना करीब से (11 votes)
तुम साथ नहीं हो तो कुछ अच्छा नहीं लगता (23 votes)
अदब की हद में हूँ मैं बे-अदब नहीं हू (20 votes)
आदमी आदमी से मिलता है दिल मगर कम किसी से मिलता है (18 votes)
वो अहद अहद ही क्या जिसे निभाओ भी (21 votes)
मज़बूत कश्तियों को किनारा नहीं मिला (39 votes)
कोई हम-नफ़स नहीं है,कोई राज़दाँ नहीं है (14 votes)
रोकता है गम-ए-इज़हार से पिन्दार मुझे (16 votes)