कह के जो कभी बात को जुठलाएँगे नहीं ...

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टूटेंगे मगर फिर भी वो पछताएँगे नहीं कह के जो कभी बात को जुठलाएँगे नहीं रिश्तों का यही सच है इसे गाà¤

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Digamber Naswa

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