मेरे हुज़रे पर आना - हिंदी शायरी

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मेरे हुज़रे पर आना कभी मुलाकात करते हैं तुम आसमान से उतर आओ तब बात करते है कभी आरजू थी उनकी मगर अब नह

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Naveen Bisht

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