अजी सोचिये क्या ग़जब हो गया है

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उसकी तुतली सी बोली मटकना ठुमकना वो नन्हा फरिश्ता आदमी हो गया है ………… !! अजी सोचिये क्या ग़जà¤

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Utpal Kant Mishra

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