मेरे शब्दों कि रूह... अनकहे अलफ़ाज़..

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यूँ ही एक बात कही थी तुमने कल बातों ही बातों में... कुछ दबे भाव थे उनमें... जो शब्द सीचें थे लेकर हाँथ मà

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Pooja Sharma

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