राख पे सोना है!

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 राख पे सोना है , सुराख़ दिल का हर कोना है I  थके  थके क़दम , आँखें हरदम नम I अब पता नहीं चलता , जिस्म में खून है या ज़हर , क़िस्मत में सुकून है...

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Neeraj Kumar

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