सस्सी...याद के झरोके से

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बहरहाल, यादें तो टाइम-मशीन की तरह होती हैं - ले जाती है माज़ी में और गुज़िश्ता वक़्त कुछ यूँ महसूस होता

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Rajveer Singh Prajapati

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